Best motivational story ;परिस्थिति जाने बिना रिएक्ट करना नहीं चाहिए, प्रेरणादायक कहानियों


Best motivational story ;परिस्थिति जाने बिना रिएक्ट करना नहीं चाहिए, प्रेरणादायक कहानियों

प्रेरणादायक कहानियों

एक डॉक्टर तेजी से हॉस्पिटल में प्रवेश कर रहे थे दरअसल एक्सीडेंट के मामले में बुलाया गया था, अंदर प्रवेश करते उन्होंने देखा जिस लड़के का एक्सीडेंट हुआ है उसके परिजन उनको बेसब्री से इंतजार कर रहे थे । उनको देखते लड़के पिता ने कहां आप अब आ रहे हैं हम आपका कब से इंतजार कर रहे हैं। आप लोग अपने ड्यूटी अच्छे से क्यों नहीं करते अगर मेरे बेटा के कुछ हुआ उसके जिम्मेदार आप होंगे डॉक्टर यह सब सुनकर बोला मुझे माफ कर दीजिए मैं हॉस्पिटल में नहीं था मुझे फोन आया उसके बाद जितना तेजी हो सकता था हमने हॉस्पिटल आने का कोशिश की आप प्लीज शांत हो जाइए घबराइए मत!


लड़की का पिता ने कहा

ऐ से कैसे शांत हो जाए आपका बेटा  होता तब भी ऐसे बात कहते अगर किसी के लापरवाही से आपका बेटा का मौत हो जाए तब भी आप ऐसे ही कहेंगे। डॉक्टर ने कहा भगवान से आप दुआ कीजिए सब कुछ ठीक हो जाएगा इतना कहते हुए ऑपरेशन थिएटर में चले गए लड़के के पिता अव भी वरवरा रहे है थे, आ के कहने लगे किसी को सलाह देना बहुत आसान है जिस पर बितती है वही समाज सकता है । ऑपरेशन थिएटर में 1 घंटा 30 मिनट बीत जाने के बाद डॉक्टर बाहर निकले उनको चेहरा पर मुस्कान थी उन्होंने सभी परिजनों से कहा भगवान का शुक्र है आपका बेटा खतरे से बाहर हैं। यह सुनकर परिजन खुश हो गया डॉक्टर से और सवाल करने लगे doctor हमारा बेटा कब ठीक हो जाएगा हम उससे घर कब ले जा सकेंगे।


पर डॉक्टर जिस तेजी से आए थे उसी तेजी से आपस जाने लगे

उन्होंने कहां बाकी सभी प्रश्न नर्स से पूछ लीजिए पास में खड़ी नर्स परिजनों ने कहा इस डॉक्टर को इतना घमंड क्यों है फला ए 2 मिनट रुक कर हमारा प्रश्न के जवाब दे सकते थे नर्स के आंख में आंसू थे उसने दर्द भरे सुर में कहा दरअसल डॉक्टर साहब बेटा के सुबह ही भयानक एक्सीडेंट मैं मौत हो गई है, जब हमने उनको फोन लगाया तब अपना बेटा अंतिम संस्कार करने जा रहे थे पर यहां आए आपका बेटा का इलाज करने के बाद अव अपने लाडले बेटा के अंतिम संस्कार करेंगे। यह सुनकर सारे परिजन इस्तर रह गये, सव अपनी गलती का एहसास किया


दोस्तों कई बार परिस्थिति के जाने बिना रियेक करते हैं, हमे चाहिए अपने आप पर कंट्रोल रखें परिस्थिति जाने किसी भी नाराक्रम प्रतिक्रिया देने से बचे। क्योंकि कई बार अनजाने में अक्सर उन लोगों के ठेस पहुंचाते हैं जो हमारा भला सोच रहे थे, जो व्यक्ति जोर-जोर से क्रोध बघान करता है वास्तव में अज्ञानी है। बुद्धिमान व्यक्ति हमेशा अपने क्रोध को बस में रखता है
मुसीबत में धैर्य धारण करना, मान लीजिए आधी लड़ाई आप जीत चुके हैं

एक बात हमेशा याद रखिए सही और गलत मन की धरना है, धरना हमें मन पर निर्भर करता है। मन हमारा विचार पर निर्भर करता है। विचार आप पर निर्भर करता है। इसलिए किसी को खामोशी समझना सीखें क्योंकि अक्सर टूटे हुए लोग अपने लफ्जों का इस्तेमाल नहीं करते

मिलते हैं नेक्स्ट स्टोरी के साथ आप खुश रहिए मोटिवेट रही है और समझदार बन रही है

! धन्यवाद !


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