बिल गेट्स के अनमोल वचन । Bill Gates Story How to Succeed in Life, in Hindi

हम अपने आसपास ऐसे बहुत से लोगों को देखते हैं, जो बहुत ही साधारण स्थिति से उठकर बहुत ऊंचाई पर पहुंचे। चाहे व्यापार हो, राजनीति हो, शिक्षा हो, हम अपनी अकर्मण्यता छिपाने के लिए उनकी सफलता को भाग्य से मिलाकर सफलता का नाम देते हैं, जबकि वे सफलता की स्थिति में एकाएक नहीं बल्कि वर्षों के अपने अथक परिश्रम के बल पर पहुंचते हैं। एक सफलता पीछे कई असफलताओं का हाथ होता है।

बिल गेट्स के अनमोल वचन । Bill Gates Story How to Succeed in Life, in Hindi

सफलता एक घटिया शिक्षक है। यह लोगो के यह सोच देती है कि वे असफल नहीं हो सकते। सबसे ज्यादा हानिकारक होता है । हमें अपनी सफलताओं की खुशी मनानी चाहिए, लेकिन असफलताओं से सबक सीखना चाहिए। यह सही है कि आप सफलता का जशन मनाए पर अपने पुराने बूरे समय को याद रखते हुए। क्योंकि जीवन की वास्तविकता इससे परे हैं कि सबकुछ अनायास ही बिना मेहनत के मिल सकता है। जरूरी नहीं है कि एक महान व्यक्ति बेटा भी उतना ही महान हो। भाग्य से वह महान व्यक्ति का बेटा हो सकता है, लेकिन जब तक वह अपना भाग्य निर्माण नहीं करता, तब तक वह महान नहीं हो सकता। सब कुछ भाग्य पर निर्भर नहीं है। परिश्रम सफलता की कुंजी है।

बिल गेट्स को व्याख्यानों के पूरे विश्व के शिक्षण संस्थानों में आमंत्रित किया जाता है। दुनिया में सभी लोग जानना चाहते हैं कि वे इस मुकाम तक कैसे पहुंचे , हर छात्र की उनकी सफलता का राज जानना चाहते हैं। उनसे ज्यादातर जो सवाल पूछा जाता है, वह यही है कि हम मेहनत बहुत करते हैं, पर सफल नहीं हो पाते। शायद हमारी किस्मत आपके जैसी नहीं है। एक बार ऐसे ही वे छात्रों को संबोधित कर रहे थे, कब ऐसा ही प्रश्न उनसे पूछा गया। कुछ देर के बाद बिल गेट्स ने कहा,

क्या आप मेरी सफलता का राज‌ जानना चाहते हैं, सभी ने इस बात पर सहमति जताई। उनको सुनने के लिए पूरे हॉल में शांति छा गई। उन्होंने कहा, इसके पांच सीक्रेट्स है।


पहला सीक्रेट

मैं हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने का प्रयास करता हूं। यदि हम सफल होना चाहते हैं तो हमेशा अपने क्षेत्र से संबंधित सीखते रहना होगा। हमें हमेशा एक विद्यार्थी की तरह रहना चाहिए, जो हमेशा आनेवाली परीक्षा के लिए तैयारी करता है। विद्यार्थी के पास कुछ चुनी हुई परिस्थितियां होती है, कुछ किताबों होती है । उनकी परीक्षाएं कुछ विषयों और पुस्तकों में बंटी होती है, लेकिन असल जिंदगी में ऐसा नहीं है। असल जिंदगी में हमें ज्यादा सीखने की जरूरत है, क्योंकि हमें नहीं पता कि हमारा किस विषयों का कौन सा पेपर कब होगा? अगर हम इसे भी विषयों मैं फेल होते हैं तो हमारे जीवन का पूरा गणित ही बदल जाएगा।

दूसरा सीक्रेट
मैं हमेशा पढ़ने की कोशिश करता हूं। मेरी आदत परेशान होकर मेरे माता पिता ने खाना खाते समय मेरे पढ़ने पर रोक लगा दी थी। जब मैं छोटा था, तब मेरे बहुत सारे सपने थे और मुझे लगता है, इनमें से ज्यादातर इसलिए पनप पाए, क्योंकि मुझे बहुत अधिक पढ़ने का अवसर मिला। किताबों सबसे अच्छी दोस्त होती है। या हमारे लिए संभावनाओं का नया संसार खोलती है। एक ऐसी दुनिया और ज्ञान जो आप नहीं जानते और जहां नहीं पहुंच सकते, वहां का रास्ता किताबों से होकर पहुंचता है। मान लीजिए हमने भाषा ईयाद कर ली होती और लिपिबद्ध न किया होता तो एक विशाल दुनिया को एक साथ एकत्रित करके एक साथ चलना कितना मुश्किल होता । किताबों सुरक्षित और बेहतर भविष्य देती है।

तीसरा सीक्रेट
अपनी सफलता का श्रेय दूसरे को देना। यदि कोई मुझसे पूछता है कि आपका सबसे अच्छा निर्णय कौन सा है। तो   मैं उन्हें बताता हूं कि सही लोगों का चुनाव करना ही मेरा सबसे अच्छा निर्णय है। यह सही है कि हम अकेले आगे बढ़ते हैं, लेकिन यह सच है भी इतना ही बड़ा है कि हमारे आसपास एक घेरा होता है, जिसमें हमारे कुछ विश्र्वस पत्र और ऐसे लोग होते हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से हमारी शानदार सफलता की गवाही देते हैं। यह वही चुनाव है, जो हमें दुगुनी ऊर्जा देता है, हम काम करने के लिए प्रेरित करता है। चाहे वे हमारे परिवार के सदस्य हों या हमारे कर्मचारी ।

चौथा सीक्रेट
अपने लिए गए निर्णय को सही साबित करने के लिए अथक परिश्रम करना। कहना ही काफी नहीं होता। लक्ष्य बनाना सरल है। पूछा जाए तो हर व्यक्ति दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना चाहता हैं। मिसाइलमैन डॉक्टर अब्दुल कलाम ने कहां है" सपने वे नहीं, जो हम सोते हुए देखते हैं। सपने वे होते हैं, जो हमें सोने नहीं देते" । बिल गेट्स ने अपने शिक्षक से कहा था कि 30 की उम्र में वह करोड़पति होंगे , और 31बर्ष  की उम्र में वह अरबपति हो चुके थे।

पांचवां सीक्रेट
यह कहकर बिल गेट्स रुक गए तो भीड़ से आवाज आई , पांचवां सीक्रेट क्या है, यह सुनकर बिल गेट्स मुस्कुराए और कहां, जो आप इस समय कर रहे हैं, यानी दूसरे की बातें को ध्यान से सुनना। दुनिया के सारी संस्कृतियां सुनने पर बल देती है। इसलिए नहीं कि सुनना कानों के लिए अच्छा है, बल्कि इसलिए कि जब हम किसी को सुनते हैं तो सामने वाले के ज्ञान को भी ग्रहण कर लेते हैं। वह भले ही अपने विचारों मैं अंतर न कर पाए कि क्या सही है, क्या गलत ह, पर आप उसमें से आपने काम की बातें चुन लेते हैं।

 

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