पुरस्कार के रूप में | Why biographies of great leader selected as a prize? In hindi

भारत के राष्ट्रपति साल 2002 में एपीजे अब्दुल कलाम ने भारी मतों से राष्ट्रपति चुनाव जीता। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक रहा। उन्हें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का समर्थन मिला। उनके लिए यह एक आसान जीत थी और वे देश के 11वे राष्ट्रपति बने। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘भारत रत्न' से सम्मानित किया गया और इसे पाने वाले वे तीसरे व्यक्ति थे। राष्ट्रपति भवन में सीट पाने वाले वे पहले बैचलर और पहले वैज्ञानिक थे। लेकिन, 2012 में उन्होने फिर से राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से मना कर दिया।

पुरस्कार के रूप में | Why biographies of great leader selected as a prize? In hindi


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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी के जीवन का यह सार आपको भी अपने जीवन में उतारना चाहिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्यतिथि है। देश के महान व्यक्ति डॉ.अब्दुल कलाम को पूरा देश आज याद कर रहा है। आज ही के दिन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2015 में दुनिया को अलविदा कह दिया था। तो आइए जानते हैं उनसे जुडी कुछ रोचक बातें।


 घर-घर जाकर बेचना पड़ा था अखबार 

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था, उनके पिता मछुआरों को अपनी नाव किराए पर देकर अपने घर का ख़र्च चलाते थे। ऐसे में अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के लिए डॉ. कलाम घर-घर जाकर अखबार बेचने का काम किया करते थे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज़ तरार थे और उनका गणित पढ़ने में काफी मन लगता था। इसलिए 8 साल की ही आयु से रोज़ाना सुबह 4 बजे उठकर और नहाकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। सुबह -सुबह नहाने के पीछे उनका कारण यह था, मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके शिक्षक बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। 

पक्षियों को उड़ता देख जीवन पर पड़ा गहरा प्रभाव 

पांचवी कक्षा में पढ़ते समय एक बार डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के अध्यापक सभी बच्चों को पक्षियों के उड़ने की क्रिया को समझाने के लिए समुद्र तट पर लेकर गए। जहां शिक्षक ने पक्षियों को उड़ते हुए भी दिखाया, इन पक्षियों को उड़ता देख उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा और तय कर लिया कि उनको भविष्य में विमान विज्ञान में ही जाना है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम बचपन से ही नई - नई चीज़ सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। उनके अन्दर कुछ नया सीखने की ललक थी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा  Schwartz Higher Secondary School, Ramanathapuram स्कूल से पूरी की और उसके बाद तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स कॉलेज में दाखिला लिया। डॉ कलाम ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश लिया था। 

अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें बनाई 

1962 में डॉ कलाम इसरो पहुंचे, जहां इन्हीं के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया था। कलाम ने अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं । 1982 में कलाम को डीआरडीएल का डायरेक्टर बनाया गया था, उसी दौरान अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया । डॉ कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण ,1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया था। 

मिसाइलमैन नहीं शिक्षक कहलाना था 

पसंद डॉ. कलाम बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक प्रसिद्ध थे। उनका मानना था कि हम जैसा समाज चाहते हैं हमें वैसी ही शिक्षा अपने बच्चों को देनी चाहिए। डॉ. कलाम की पूरी जिंदगी शिक्षा को समर्पित थी। डॉ. कलाम को बच्चों से रूबरू होना, स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाना उनसे बातें करना बहुत अच्छा लगता था। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एक बार बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में भाषण के लिए गए थे, जहां एक छात्र ने उनसे सवाल पूछा आप किस रूप में याद किया जाना पसंद करेंगे। मिसाइलमैन या वैज्ञानिक? जिसका जवाब देते हुए डॉक्टर कलाम ने कहा था - मैं शिक्षक के तौर पर याद किया जाना पसंद करूंगा। 

एक मामूली परिवार से ताल्लुक रखने के बाद बावजूद भी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपने मेहनत और काबिलियत के बल पर अपने सपने को साकार कर दिखाया। उन्होंने करोड़ो लोगों को सपना देखना सीखाया। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का मानना था कि 'सपने वह नहीं जो आप नींद में देखते हैं. यह तो एक ऐसी चीज है जो आपको नींद ही नहीं आने देती।


Dr.apj Abdul kalam biography

नाम: अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (डॉ ए.पी.जे अब्दुल कलाम)

निक नेम: मिसाइल मैन

राष्ट्रीयता: भारतीय

व्यवसाय: इंजीनियर, वैज्ञानिक, लेखक, प्रोफेसर, राजनीतिज्ञ

जन्म: 15-अक्टूबर -1931

जन्म स्थान: धनुषकोडि, रामेश्वरम, तमिलनाडु, भारत

निधन: 27 जुलाई 2015

निधन के समय आयु: 83 वर्ष

मृत्यु का स्थान: शिलांग, मेघालय, भारत

प्रसिद्ध का कारण: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम 2002 से 2007 तक राष्ट्रपति रहे

इससे पहले: कोचरिल रमन नारायणन (1997-2002 से राष्ट्रपति)

उत्तराधिकारी: प्रतिभा पाटिल (2007-2012 से राष्ट्रपति)


अवार्डस :

1. विज्ञान क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए इन्हें 1981 में पद्म भूषण और 1990 में पद्म विभूषण से समान्नित किया गया.
2. रक्षा अनुसन्धान क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए इन्हें 1997 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया
3. वर्ष 1998 में राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गाँधी अवार्ड मिला
4. वर्ष 1998 में Abdul Kalam जी को Royal Society, UK द्वारा King Charles II मैडल से सम्मानित किया गया
5. Abdul Kalam जी को विश्वभर की 40 विश्वविद्यालयो से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल है.
6. वर्ष 2011 में Abdul Kalam जी को IEEE द्वारा IEEE Honorary Membership में सम्मानित किया गया.

        राष्ट्रपति कार्यकाल ख़त्म होने पर Abdul Kalam जी IIM शिलोंग, IIM अहमदाबाद, IIM इंदौर, IIS बंगलौर और अन्य कॉलेज से गेस्ट प्रोफेसर के तौर पर जुड़ गये. साल 2012 में भारतीय युवायों के लिए एक कार्यक्रम “What Can I Give Movement” शुरू किया, जिसका उद्देश्य भारत में भ्रष्टाचार को हराना है


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